parody
03 Oct 2026
कोरोना शायरी- in अमिताभ style (बाई)
<p>मैं और मेरी तन्हाई अक्सर ये बातें करते है …<br>बाई होती तो ऐसा होता, बाई होती तो कैसा होता…<br>वो कपड़े धोती और मैं सोतीं…<br>वो खाना पकाती और मैं पेट भर खाती…<br>वो पोंछा मारती और मैं FB/WA पर चैटिंग करती …<br>मैं और मेरी तन्हाई अक्सर ये बातें करते है…<br>बाई होती तो ऐसा होता, बाई होती तो वैसा होता…????????????</p>
<p>मजबूर ये हालात इधर भी है और उधर भी…<br>तन्हाई की एक रात इधर भी है और उधर भी…<br>करने को इतना कुछ है मगर क्या क्या करे हम…<br>कब तक यूँही काम करे और सहे हम…</p>
<p>दिल कहता है, दुनिया की हर एक रस्म भुला दे…<br>ये जो दीवार CORONA की है उसे गिरा दे…<br>क्यूँ अकेले सुलगते रहे हम, बाई को बुला ले…</p>
<p>हाँ हम थक गए है, थक गए है, थक गए है …</p>
<p>अब दिल में ये बात इधर भी है और उधर भी। ????????????</p>