desi
03 Oct 2026
घुसपैठिया भगाओ छग बचाओ एक नारा
<p>तुम घुसपैठिया भिखमंगे हो, मैं छत्तीसगढ़िया मुक्तियार प्रिये।।<br>तुम कटोरा लेकर आते हो,मैं कोठी भर भर धान प्रिये।।<br>तुम औलादें अपराधी का, मैं भोला भाला शांत प्रिये।।<br>तेरी दृष्टि है मेरी सृष्टि पर,इसका है मुझको भान प्रिये।।<br>तुम खोखला करते दीमक हो, मैं छत्तीसगढ़िया अनजान प्रिये।।<br>तुम काला डोमी हत्यारा मैं दाता अमृत जान प्रिये।।</p>
<p><br>छत्तीसगढ़िया अब जाग चुका है,ज्ञान हुआ है आन का।<br>घुसपैठिया बिल में वापस जा,अंत है तेरी झूठी शान का।।<br>"जो भरा नहीं है भावों से बहती जिसमें रसधार नहीं, वह हृदय नहीं है, पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।"<br></p>
<p><br>जय छत्तीसगढ़।।<br>जय छत्तीसगढ़िया।।</p>
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